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*दोस्त दोस्त ना रहा – भाग 1*

दोपहर का समय था, स्कूल की छुट्टी हो गई थी, सभी बच्चे अपने-अपने घर की तरफ जाने लगे कि तभी निशा को उसकी एक सहेली ने पूछा………………………….। अंजलि : हेल्लो….।। तुम कैसी हो? निशा : मै ठीक हूँ । तुम कैसी हो? अंजलि : मै भी ठीक हूँ । क्या तुम मेरी एक छोटी सी […]

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*मेरे कॉलेज का पहला दिन- भाग 1*

जब मैंने इंटर की परीक्षा अच्छे नम्बरों से पास की तो घर में सब बहुत ही खुश थे और मुझे भी यह सोचकर बड़ी ही प्रसन्नता हो रही थी कि अब मैं भी कॉलेज जाऊंगा। मेरठ के एक कॉलेज में मुझे दाखिला मिला गया और अब वहीँ रह कर मुझे  आगे की पढाई करनी थी। […]

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*दोस्त दोस्त ना रहा – भाग 2*

कामिनी और निशा की दोस्ती का वो आखिरी दिन था जब कामिनी ने निशा का साथ न दिया। निशा अब कामिनी से बात नहीं करती थी, यहाँ तक की लंच के समय जब कामिनी के साथ उसका सामना होता तब वह अनजान शख्स की तरह सामने से गुजर जाती। दोनों को इस बात का अफ़सोस […]

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*गूंजा का गहना*

यह कहानी करीब तीस वर्ष पुरानी है। एक गाँव में गूंजा नाम की एक लड़की रहती थी। उसका एक बड़ा भाई और तीन छोटी बहनें थी। बहनों में सबसे बड़ी होने के कारण गूंजा को बचपन में ही जिमेवारियों ने घेर लिया। हालाँकि गूंजा अपने भाई से छोटी थी, परन्तु लड़की होने के कारण उसका […]

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